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Wednesday, December 4, 2019

प्रतिदर्श प्रश् न ऩ्र  019 -01
विषय – हहन् दी ‘अ’ (कोड-110)
कऺा – 91
तनधाशररि समय – 3 घंटे अधधकिम अंक - 81
सामान् य तनददेशर्
1. इस प्रश् न-ऩत्र भें चाय खंड हैं – क, ख, ग औय घ।
2. सबी खंडों के प्रश् नों के उत तय देना निनाामय  ह।।
3. मथासंबा प्रत मेक खंड के प्रश् नों के उत तय ्रमभ से िरिख।।
4. ।क नंक के प्रश् नों का उत तय रगबग 15-20 शब् दों भें िरिख।।
5. दो नंकों के प्रश् नों का उत तय रगबग 30-40 शब् दों भें िरिख।।
6. तीन नंको के प्रश्नों का उत तय रगबग 60-70 शब्दों भें िरिख।।
खंड – क
(अऩहिि अंर्)
91
(1) तनम्नलऱखखि गदयांर् को ध्यानऩूिशक ऩहिए और ऩूछे गए प्रश्नों
के उत्तर लऱखखए -
ऻान यािश के संचचत कोष ही का नाभ साहहत म ह।। सफ तयह के
बााों को प्रकट कयने की मोग् मता यखनेाारी औय िनदोष होने ऩय
बी, महद कोई बाषा नऩना िनज का साहहत म नहीं यखती तो ाह,
रूऩाती िबखारयनी की तयह, कदापऩ आदयणीम नहीं हो सकती।
उसकी शोबा, उसकी श्रीसम् ऩन्‍ न्‍ ता, उसकी भान – भमाय दा उसके
साहहत म ही ऩय नारंिफत यहती ह।। जाित-पाशेष के उत कषाय ऩकषय
का, उसके ऊँच-नीच बााों, उसके धािभय क पाचायों औय सा भाजजक
संघटन का, उसके ऐितहािसक घटनाच्रमों औय याजन।ितक
जथथितमों का प्रितिफम् फ देखने को महद कहीं िभर सकता ह। तो
उसके ग्रन्‍ थ-साहहत म ही भें िभर सकता ह।। साहहत म भें जो शजतत
िछऩी ह। ाह तोऩ, तरााय औय फभ के गोरों भें बी नहीं ऩामी
जाती, जो साहहत म भरददों  को बी जजन्‍ दा कयनेाारी संजीानी
औ षचध का आधाय ह।, जो साहहत म ऩित तों को उठानेाारा औय
10
उजतथतों के भथ तक को उन्‍ नत कयने ाारा ह।, उसके उत ऩादन औय
संाधय न की चेष् टा जो जाित नहीं कयती, ाह नऻानान्‍ धकाय के गतय
भें ऩडी यहकय ककसी हदन नऩना नजथतत ा ही खो फ।ठती ह।।
नत।ा सभथय  होकय बी जो भनरष् म इतने भहत ाशारी साहहत म की
सेाा औय निबाृद्चध नहीं कयता नथाा उससे ननरयाग नहीं
यखता, ाह सभाजद्रोही ह।, ाह देशद्रोही ह।, ाह जाितद्रोही ह।, ाह
आत भद्रोही औय आत भहंता बी ह।।
(क) साहहतम को संजीानी औषचध का आधाय तमों कहा गमा ह। ? 2
(ख) साहहतम के प्रित ननरयाग न यखनेाारों की तररना ककससे की गई
ह। ?
2
(ग) साहहतम को सभाज का आईना तमों कहा गमा ह। ? 2
(घ) जजस बाषा का नऩना साहहतम नहीं होता उसकी जथथित क।सी
होती ह। ?
2
(ङ) साहहतम के संाधय न के िर। प्रमास नहीं कयने ऩय सभाज की तमा
जथथित होती ह। ?
1
(च) उऩमरय तत गद्मांश के िर। उऩमरतत शीषय क िरिख। | 1
खंड – ख
(व् यािहाररक व् याकर )
16
(2) तनददेशर्ानुसार उत्तर लऱखखए 1×4=4
(क) कठोय होकय बी सहृदम फनो । (संमरतत ाातम भें फदिर।)
(ख) मद्मपऩ ाह सेनानी नहीं था ऩय रोग उसे क।प्टन कहते थे ।
(सयर ाात म भें फदिर।)
(ग) फच्चे ा।से कयते हैं ज।से उन्‍हें िसखामा जाता ह। ।
(येखांककत उऩाात म का बेद िरिख।)
(घ) सबी रोगों ने ाह सरंदय दृश्म देखा।
(यचना के आधाय ऩय ाातम बेद िरिख।)
(3) तनददेशर्ानुसार िाच्य ऩररििशन कीजजए 1×4=4
(क) ननेक ऩाठकों ने ऩरथतक की सयाहना की। (कभय ााच्म भें फदिर।)
(ख) ऩऺी फाग छोडकय नहीं उडे । (बााााच् म भें फदिर।)
(ग) हपषतय  ा योज नख़फाय ऩढ़ती ह।। (कभाय  ाच्म भें फदिर।)
(घ) भेये द्ााया सभम की ऩाफंदी ऩय िनफंध िरखा गमा । (कताय ृ ाच् म भें
फदिर।)
(4) िनम्निरिखत ाातमों के येखांककत ऩदों का ऩदऩरयचम िरिख। 1×4=4
(क) आज बी बायत भें ननेक निबभन्‍मर हैं ।
(ख) प्रात्कार घूभने जामा कयो ताकक थााथ्म ठीक यहे।
(ग) पऩताजी कर ही तीथय  मात्रा ऩय ग। ।
(घ) ननरयाग ने कारा कोट ऩहना ह। ।
(5) तनम्नलऱखखि प्रश्नों में से ककन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजजए – 1×4=4
(क) 'हाथ म यस’ का ।क उदाहयण िरिख।।
(ख) िनम्निरिखत काव्म ऩंजततमों भें यस ऩहचान कय िरिख।-
ये नृऩ फारक कारफस फोरत तोहह न सँबाय |
धनरही सभ ित्रऩरयारयधनर िफहदत सकर संसाय ||
(ग) ‘ाीय’ यस का थ थामी बाा त मा ह। ?
(घ) ‘यित’ ककस यस का थ थामी बाा ह। ?
खंड – ग
(ऩाठ्य ऩुस् िक एिं ऩूरक ऩाठ्य ऩुस् िक)
34
(6) तनम्नलऱखखि गदयांर् को ध्यानऩूिशक ऩिकर ऩूछे गए प्रश्नों के
उत्तर लऱखखए-
नााफ साहफ ने खीये की सफ पाँकों को िखडकी के फाहय पें ककय
तौिर। से हाथ औय होंठ ऩोंछ िर। औय गाय  से गरराफी आँखों से
हभायी ओय देख िरमा, भानो कह यहे हों- मह ह। खानदानी यईसों
का तयीका !
नााफ साहफ खीये की त।मायी औय इथ तेभार से थककय रेट ग। ।
हभें तसरीभ भें िसय खभ कय रेना ऩडा- मह ह। खानदानी
तहज़ीफ, नफ़ासत औय नज़ाकत ! हभ गौय कय यहे थे, खीया
इथ तेभार कयने के इस तयीके को खीये की सरगंध औय थ ााद की
कल् ऩना से संतरष् ट होने का सू् भ, नफ़ीस मा ।ब् सट्रेेत ट तयीका
जरूय कहा जा सकता ह। ऩयंतर त मा ऐसे तयीके से उदय की तृजप्त
बी हो सकती ह। ? नााफ साहफ की ओय से बये ऩेट के ऊँचे डकाय
का शब् द सरनाई हदमा औय नााफ साहफ ने हभायी ओय देखकय
कह हदमा, ‘खीया रज़ीज़ होता ह। रेककन होता ह। सकीर, नाभरयाद
भेदे ऩय फोझ डार देता ह।।’
6
(क) नााफ साहफ का खीया खाने का ढंग ककस तयह नरग था ?
(शब् द सीभा 30-40 शब् द)
2
(ख) नााफ साहफ खीया खाने के नऩने ढंग के भाध्मभ से तमा हदखाना
चाहते थे ? (शब् द सीभा 30-40 शब् द)
2
(ग) नााफ साहफ ने नऩनी खीज िभटाने के िर। तमा ककमा ह।?
(शब् द सीभा 30-40 शब् द)
2
(7) िनम्निरिखत प्रश्नों भें से ककन्‍ही चाय प्रश्नों के उ्तरय रगबग 30-
40 शब् दों भें िरिख।-
2×4=8
(क) फच्चों द्ााया भूित य  ऩय सयकं ड े का चश्भा रगाना तमा प्रदिशतय
कयता ह। ?
(ख) फारगोिफन बगत के संगीत को जादू तमों कहा गमा ह। ?
(ग) फ़ादय फरल्के की मातना बयी भृतमर ऩय रेखक के भन भें ककस
प्रकाय के बाा उतऩन्‍न हर। औय तमों ?
(घ) ‘भन्‍ नू बंडायी की भाँ त माग औय ध।मय  की ऩयाकाष् ठा थी – कपय बी
रेिखका के िर। आदशय  न फन सकी।’ त मों ?
(ङ) िफजथभल्रा खाँ को कौन-कौन से सम् भान िभरे ? उनकी ऩहचान
ककस रूऩ भें फनी यहेगी ?
(8) तनम्नलऱखखि काव्यांर् को ध्यानऩूिशक ऩिकर ऩूछे गए प्रश्नों के
उत्तर लऱखखए-
6
भरख्म गामक के चट्टान ज।से बायी थाय का साथ देती
ाह आााज़ सरन्‍दय कभज़ोय काँऩती हरई थी
ाह भरख्म गामक का छोटा बाई ह।
मा उसका िशष्म
मा ऩ।दर चरकय सीखने आने ाारा दूय का कोई रयश्तेदाय
भरख्म गामक की गयज़ भें
ाह नऩनी गँूज िभराता आमा ह। प्राचीन कार से
गामक जफ नंतये की जहटर तानों के जंगर भें
खो चरका होता ह।
मा नऩने ही सयगभ को राँघकय
चरा जाता ह। बटकता हरआ ।क ननहद भें
तफ संगतकाय ही थथामी को सँबारे यहता ह।
ज।से सभेटता हो भरख्म गामक का ऩीछे छूटा हरआ साभान
ज।से उसे माद हदराता हो उसका फचऩन
जफ ाह नौिसिखमा था
(क) बटके हर। थाय को संगतकाय कफ सँबारता ह। औय भरख्म गामक
ऩय इसका तमा प्रबाा ऩडता ह। ? (शब् द सीभा 30-40 शब् द)
2
(ख) कपाता भें ककस संदबय  भें ककसे नौिसिखमा कहा गमा ह। औय तमों
?
(शब् द सीभा 30-40 शब् द)
2
(ग) संगतकाय की बूिभका का भहत्त्ा कफ साभने आता ह। ? 2
(9) तनम्नलऱखखि प्रश्नों में से ककन्ही चार प्रश्नों के उत्तर ऱगभग 31-
41 र्ब् दों में लऱखखए -
2×4=8
(क) 'फेटी नबी समानी नहीं थी’- ‘कन्‍ मादान’ कपाता के आधाय ऩय
प्रथ तरत ऩंजततमों भें निबव्म त त भाँ की चचतं ा का कायण िरिख।।
(ख) 'पसर’ कपाता भें ‘हाथों के थ ऩशय  की गरयभा’ ककसे कहा गमा ह।
?
(ग) ऩयशरयाभ ने धनरष तोडने ाारे के पाषम भें ऩूछा तो श्रीयाभ ने
‘धनरष भेये द्ााया टूट गमा ह।’ सीधा उत तय न देकय ऐसा त मों कहा
कक ‘धनरष तोडने ाारा आऩका कोई दास होगा’ ?
(घ) 'सूयदास के ऩद’ के आधाय ऩय िरिख। कक उद्धा गोपऩमों की
भनोदशा त मों नहीं सभझ सके ?
(ङ) 'छामा भत छूना’ कपाता के संदबय  भें थ ऩष् ट कीजज। कक नतीत के
सरखों की थ भृित भें डूफे यहने से जीान ऩय त मा प्रबाा ऩडता ह। ?
(10) तनम् नलऱखखि प्रश् नों में से ककन् हीं दो प्रश् नों के उत् िर ऱगभग 51-
61 र्ब् दों में लऱखखए-
3×2=6
(क) गंतोक को ‘भेहनतकश फादशाहों का शहय’ त मों कहा गमा ह। ?
(ख) 'भाता का नँचर’ ऩाठ भें ग्राभीण ऩरयाेश का चचत्रण ककमा गमा
ह।। आऩ ग्राभीण जीान ा शहयी जीान भें त मा नंतय ऩाते हैं ?
(ग) जाजय  ऩंचभ की नाक रगने ाारी खफय के हदन नखफाय चरऩ तमों
थे ?
खंड – घ
(ऱेखन)
20
(11) तनम्नलऱखखि में से ककसी एक विषय ऩर हदए गए संकेि बिन्दुओं
के आधार ऩर ऱगभग 011 से 051 र्ब् दों में तनिंध लऱखखए-
10
(क) ऩरयश्रभ औय नभ्मास – सपरता की कंर जी
 प्रथतााना
 ऩरयश्रभ का भहत्त्ा
 ऩरयश्रभ के ननरकयणीम उदाहयण
 ऩरयश्रभ औय नभ्मास से सपरता
 उऩसंहाय
(ख) सभाचाय ऩत्र के िनमिभत ऩठन का भहत्त्ा
 प्रथतााना
 ऻान का बंडाय
 ऩढ़ने की थाथथ आदत का पाकास
 जागरूकता
 उऩसंहाय
(ग) मराा ागय  का पादेशों के प्रित फढ़ता भोह
 प्रथतााना
 पादेशों के प्रित फढ़ता आकषय ण
 आचथय क सम्ऩन्‍नता
 फेहतय जीान श।री
 उऩसंहाय
(12) नऩने ऺेत्र की नािरमों तथा सडकों की सभरचचत सपाई न होने
ऩय थााथ्म नचधकायी को ।क ऩत्र रगबग 80-100 शब् दों भें
िरिख। ।
5
नथाा
आऩकी कऺा भें ।क न। नध्माऩक ऩढ़ाने आ। हैं जो कक फहरत
नच्छा ऩढ़ाते हैं । उनके पाषम भें ऩरयचमातभक सूचना देते हर।
नऩने िभत्र को रगबग 80-100 शब् दों भें ।क ऩत्र िरिख।।
(13) ‘िशऺा का नचधकाय' के नंतगय त ग्राभीण ऺेत्रों भें इस नचधकाय का
राब उठाने के िर। ।क पाऻाऩन रगबग 25-50 शब् दों भें त।माय
5
कीजज।।
नथाा
'बायतीम येराे खानऩान ।ां ऩमय टन िनगभ' (आई.आय.सी.टी.सी.)
की ओय से माित्रमों को बायत दशय न मात्रा के िर। आभंित्रत कयते
हर। ।क पाऻाऩन 25-50 शब् दों भें त।माय कीजज।।
नोट:-
ऩाठ्यक्रम 2019 - 20 में हदए गए प्रश्न ऩ्र  के प्रारूऩ िथा प्रतिदर्श प्रश्न ऩ्र  में हदए गए प्रारूऩ में
विलभन्निा होने की जस्थति में, प्रतिदर्श प्रश्न ऩ्र  2019 - 20 के प्रारूऩ को ही अंतिम माना जाये।

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